How to Make Ranu – Online buy Ranu Tablet
Ranu Tablet झारखंड में Ranu Tablet को हरिया बनाने के लिए यूज होता है इसे यहां पर रानू दवा के नाम से भी जाना जाता है दवा इसलिए क्योंकि इसमें जंगल की जड़ी बूटी मिक्स रखती है जोकि हेल्थ के पद से बहुत फायदेमंद रहती है यह पेट दर्द में लाभदायक सिद्ध होती है| इसलिए इसे दवाई भी बोलते हैं
इसमें 7:00 से लेकर के 12-13 जड़ी बूटियां मिलाई जाती है जो कि अलग-अलग जंगल में अलग-अलग मौसम में मिलते हैं और हमें मौसम के हिसाब से उन जड़ी बूटियों को ज्यादा मात्रा में इकट्ठा करके रखना पड़ता है|
इस Ranu Tablet को झारखंड के लोग बहुत ही पवित्र मानते हैं इस चीज के बिना झारखंड में कोई भी पवित्र पूजा पाठ या अंतिम संस्कार रानू से बनने वाले हरिया के बिना अधूरा है|
इसे बनने में 4 दिन का समय लगता है
पहले दिन हम इसे अरवा चावल को पिक होते हैं अच्छी तरीके से धोते हैं और परिचय देखी एक इंस्ट्रूमेंट है एक मशीन है जिसकी सहायता से हम लोग उस चावल को पाउडर के रूप में करते हैं और यह बहुत जरूरी चीज है क्योंकि अगर हम इसे मशीन से आर्डर बनाने की कोशिश करें तो यह मशीन में ही पक जाएगी और जो चीज के लिए हम तैयार करना चाहते हैं
वह तैयार नहीं हो पाएगा इसलिए ठंडे तरीके से उसे पाउडर के रूप में किया जाता है उसी प्रोसेस में जितने भी जड़ी बूटी है वह हम अच्छी तरीके से मिक्स करते हैं वह भी पाउडर के रूप में कर लिया जाता है
जब वह पाउडर पूरी तरीके से बन जाती है तब हम इसे पानी मिक्स करके आटे जैसा गोंद देते हैं जिससे कि इसके बॉल बनाने में आसानी हो जाए|
हम इसे बोल बनाते हैं बाद में भोपाल का एक लहर में जब पूरी तरीके से भर जाता है बोल से उसके ऊपर वालों का एक और लेते हैं और फिर उसमें फिर से लड्डू बनाते हैं और फिर उसके ऊपर से फिर बवाल देते हैं इसी तरीके से जब तक खत्म ना हो जाए तब तक करते रहते हैं और जब हमारा यह सारा बनके खत्म हो जाता है तब फिर हम इसे 24 घंटों के लिए ढक देते हैं ताकि यह अच्छी तरीके से गर्म हो सके|
फिर जब 24 घंटों के बाद हम उसे जो भी चीज से डरते हैं इसे हटा देते हैं हटाना इसलिए जरूरी है क्योंकि ज्यादा गर्म हो जाने से यह सही नहीं बनती है इसलिए सही टेंपरेचर पर इसे गर्म करना जरूरी होता है और जब यह गर्म हो जाता है फिर इसे अगले 24 घंटों के लिए ठंडा होने के लिए छोड़ दिया जाता है ताकि अच्छी तरीके से वह और तैयार हो सके तो इस समय तक में यह 3 दिन बीत जाती है फिर उसके बाद चौथे दिन हम इसे निकालते हैं धूप में सुख आते हैं ताकि इसके अंदर का जो नहीं होता है वह नमी चला जाए|
और हमें पूरी तरीके से सूखा हुआ जानू प्राप्त हो जब वह सूख जाता है तब हम उसे पुआल से अलग कर लेते हैं
और इसमें जो बाल लटक जाता है या जो फंगस जो इस में रहता है वह जी तरीके से सूख जाता है तो इससे हम लोग जोड़ने के जैसा इसे झूला में झूला आते हैं और उसमें बचा कुचा बवाल हट जाता है और हमें पूरी तरीके से सिर्फ रानू प्राप्त होता है तो इस तरीके से Ranu Tablet तैयार होता है|
इसके बाद यह जो रानू तैयार हो जाता है अब यह हरिया बनाने के लिए तैयार हैं|
हरिया को प्राइस बीयर के नाम से भी जाना जाता है अगर आपको यह चीज चाहिए तो आप हमसे कांटेक्ट करें आप हमारे थ्रू इसे खरीद सकते हैं यह हमारे परिवार में 1935 ईस्वी से भी पहले से बनते आ रहा है हालांकि यह अभी तक ऑनलाइन हुई नहीं है और यह जो आप देख रहे हैं यह पूरे इंटरनेट में हमारे सिरोही यह पहली बार ऑनलाइन आया है अगर आपको चाहिए तो आप हमसे जरूर कांटेक्ट करें और अपना आर्डर प्लेस करें|

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I am studying rice based yeasts in india. I have bought from you before. Is it possible to come and study this. I want to study only for knowledge ( reserach purpose) not commercial use.
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